कर्ण जैसा दानवीर सत्यवादी हरिश्चन्द,
अर्जून जैसे पराक्रमी आज भी पड़े है।
अर्जून जैसे पराक्रमी आज भी पड़े है।
राम जैसा आज्ञाकारी राणा जैसा देशभक्त,
शिवाजी जैसे क्षत्रिय तो साथ में खड़े है।
शिवाजी जैसे क्षत्रिय तो साथ में खड़े है।
श्रवण जैसा बालक एकलव्य जैसा शिष्य,
लखन जैसे भाई मेरे देश में पड़े है।
लखन जैसे भाई मेरे देश में पड़े है।
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