यादों का दीप जलाओगे कैसे?
खुद को रौशन कर पाओगे कैसे?
खुद को रौशन कर पाओगे कैसे?
अपने ही मन में अंधेरा भरकर,
दिल को ऐसे चमकाओगे कैसे?
दिल को ऐसे चमकाओगे कैसे?
दुश्मन हो न जमाने में जिसका भी,
उससे नफरत कर पाओगे कैसे?
उससे नफरत कर पाओगे कैसे?
जब खुद को ही तन्हा पाते हो तो
तन्हाई से... लड़ पाओगे कैसे?
तन्हाई से... लड़ पाओगे कैसे?
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