फूलों' से अपनी राहें सजा दीजिए
पंख सपनों को अपने लगा दीजिए।
पंख सपनों को अपने लगा दीजिए।
वेदना दिल में ऐसी उठी कौन सी,
हाल अपने तो दिल का बता दीजिए।
हाल अपने तो दिल का बता दीजिए।
एहसासों की डोरी न टूटे कभी,
प्रेम का प्यारा दीपक जला दीजिए।
प्रेम का प्यारा दीपक जला दीजिए।
शक्सियत सबकी बाहर निकल आयगी,
गीत प्यारा कोई गुनगुना दीजिए।
गीत प्यारा कोई गुनगुना दीजिए।
जिन्दगी अपनी पावन धरा हो गयी,
प्रेम की कोई गंगा बहा दीजिए।
प्रेम की कोई गंगा बहा दीजिए।
वक्त कटता है पढ़कर किताबें यहां,
गैर की दुनिया दिल से हटा दीजिये।
गैर की दुनिया दिल से हटा दीजिये।
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