मेरे दिल में फिर-से हलचल,
क्यूँ हो रही रे आजकल,
मेरे मन की व्याकूल सिथिलता,
क्यूँ खो रही रे आजकल,
मेरे दिल में फिर-से हलचल,
क्यूँ हो रही रे आजकल|
इश्क़ से दिल में हलचल,
रे हो रही है आजकल,
जब आशियाँ आशमाँ में बनाये,
तू फिर रहा है आजकल,
तेरे मन की व्याकूल सिथिलता,
मुझसे खो रही है आजकल,
इसलिए तो दिल में हलचल,
रे हो रही है आजकल|
जब मैं गुनगुनाता जा रहा,
रे तेरी महफिल में आजकल,
तब तू राहों में खड़ी हो,
आँसू बहाये क्यूँ रे आजकल,
मेरे दिल में फिर-से हलचल,
क्यूँ हो रही रे आजकल|
मुझे ही गुनगुनाता जा रहा,
तू मेरी महफिल में आजकल,
देख तेरी वफायें राह में,
मैं रो रही हूँ आजकल,
यादें मेरी तेरे दिल में ,
रे चल रही है आजकल,
इसलिए तो दिल में हलचल,
रे हो रही है आजकल|
ना वफाओं का गुल खिला,
ना दिल मिला रे आजकल,
ना ख़ुदा मुझसे मिला रे,
ना तू मिली रे आजकल,
मेरे दिल में फिर-से हलचल,
क्यू हो रही रे आजकल।
रे रास्ता पुर-ख़ार निकला,
दिल के आर पार निकला,
ना ख़ुदा तुमसे मिला रे,
ना ही रास्ता मुझे मिला,
शायद तेरे प्रेम का पत्ता,
रे गिरे पत्तों सा मिला,
इसीलिए तो दिल में हलचल,
रे हो रही है आजकल||
©अतुल कुमार यादव.
क्यूँ हो रही रे आजकल,
मेरे मन की व्याकूल सिथिलता,
क्यूँ खो रही रे आजकल,
मेरे दिल में फिर-से हलचल,
क्यूँ हो रही रे आजकल|
इश्क़ से दिल में हलचल,
रे हो रही है आजकल,
जब आशियाँ आशमाँ में बनाये,
तू फिर रहा है आजकल,
तेरे मन की व्याकूल सिथिलता,
मुझसे खो रही है आजकल,
इसलिए तो दिल में हलचल,
रे हो रही है आजकल|
जब मैं गुनगुनाता जा रहा,
रे तेरी महफिल में आजकल,
तब तू राहों में खड़ी हो,
आँसू बहाये क्यूँ रे आजकल,
मेरे दिल में फिर-से हलचल,
क्यूँ हो रही रे आजकल|
मुझे ही गुनगुनाता जा रहा,
तू मेरी महफिल में आजकल,
देख तेरी वफायें राह में,
मैं रो रही हूँ आजकल,
यादें मेरी तेरे दिल में ,
रे चल रही है आजकल,
इसलिए तो दिल में हलचल,
रे हो रही है आजकल|
ना वफाओं का गुल खिला,
ना दिल मिला रे आजकल,
ना ख़ुदा मुझसे मिला रे,
ना तू मिली रे आजकल,
मेरे दिल में फिर-से हलचल,
क्यू हो रही रे आजकल।
रे रास्ता पुर-ख़ार निकला,
दिल के आर पार निकला,
ना ख़ुदा तुमसे मिला रे,
ना ही रास्ता मुझे मिला,
शायद तेरे प्रेम का पत्ता,
रे गिरे पत्तों सा मिला,
इसीलिए तो दिल में हलचल,
रे हो रही है आजकल||
©अतुल कुमार यादव.
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