Saturday, 14 January 2017

मकर संक्रान्ति

आसमान में उड़ते
रंग बिरंगे पतंग
और उनसे होती
अतिशय कलाबाजियाँ
दिल के पन्नें पर 
नये उत्साह के साथ
एक आनन्द की
लकीर खींचती है,
जिसको मिटाने का
ख़्वाब लिए
तिल गुड़ रूपी
व्यंजनों का
रसास्वादन
उसके आनन्द को
उसके अहसास को
कभी कम नहीं
कर पाता,
आज
वही अहसास
वही आनन्द
हम सबको
एक बन्धन में
बाँध देता है।
मौसमों के लिहाज से
सर्द लिबाश में लिपटे
प्रेम सौहार्द के
सबसे अलग त्यौहार
मकर संक्रान्ति की
आप सभी को
शुभकामना और
हार्दिक बधाई।
©अतुल कुमार यादव.

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